बिहार में मुर्दो और भूतो पर आई आफत

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Set of shadow hands

बिहार में मुर्दों व भूतों  पर आफत आई है। चौंक गए तो जान लीजिए कि ऐसा हम नहीं कह रहे, यह सरकारी काम कह रहे हैं। मधेपुरा के बिहारीगंज में एक शिक्षक सुमन कुमार सिंह के निधन के बाद विभाग को इसकी सूचना दे दी गई। इसके बावजूद पंचायत चुनाव की ड्यूटी से गैर हाजिर रहने को लेकर उनसे स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया है। ऐसे में सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्‍या मृत शिक्षक का भूत चुनाव कराने आता? उधर, शेखपुरा में एक ऐसे बुजुर्ग को कोरोनावायरस का टीका  दिए जाने का मैसेज मोबाइल पर आया, जिनकी मौत छह महीने पहले ही हो चुकी है। इन दोनों मामलों ने सरकारी कार्य प्रणाली की पोल खोल दी है

मौत की सूचना के बावजूद स्‍पष्‍टीकरण मांगा

मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड अंतर्गत मजौरा मध्य विद्यालय में सहायक शिक्षक सुमन कुमार सिंह का निधन बीते सात नवंबर को हृदयाघात के कारण हो गया। उनकी ड्यूटी पंचायत चुनाव में 15 नवंबर को जिले के बिहारीगंज में लगी थी। इसे देखते हुए विद्यालय के हेडमास्‍टर अनिल राम ने उनकी मौत की सूचना आठ नवंबर को विभागीय अधिकारियों समेत अन्य सभी को दे दिया। मौत के कारण शिक्षक पंचायत चुनाव की ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। हद तो यह है कि इसके लिए पंचायत निर्वाचन कार्मिक कोषांग ने चुनाव ड्यूटी में अनुपस्थित रहने के लिए उनसे स्‍पष्‍टीकरण मांगा है। अब लोग पूछ रहे हैं कि क्‍या स्‍पष्‍टीकरण का जवाब देने मृत शिक्षक का भूत आएगा?

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