15 मई तक बिहार में लाॅक डाउन लागू

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सीएम नीतीश कुमार ने किए एलान
बिहार  में  कोरोना ने कोहराम मचा रखा है, रोज 50 से अधिक लाग मर रहे है, कोरोना के बढ़ते मामलों और मौतों के बीच बिहार के सीएम ने 15 मई तक लॉकडाउन का ऐलान किया है। बिहार में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए नीतीश सरकार ने 15 मई तक लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही उनके निर्देश पर गृह विभाग ने विस्तृत मार्ग निर्देशिका जारी कर दी है। आइए जानते हैं कि इस निर्देशिका के तहत बिहार में लॉकडाउन के दौरान कौन सी सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। इस दौरान क्या-क्या खुला रहेगा और क्या पूरी तरह बंद रहेगा। गृह विभाग ने चार मई को जारी अपने विस्तृत आदेश में कहा है कि कोरोना वायरस जनित महामारी की दूसरी लहर से देश के कई राज्यों सहित बिहार में भी मरीजों की संख्या में वृिद्ध हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंध समूह की बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि राज्य में संक्रमण की दर पिछले एक हफ्ते से लगातार 10 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इस स्थिति में पांच मई से 15 मई तक ये प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं-
1) राज्य सरकार से सभी कार्यालय (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) बंद रहेंगे। सभी काॅलेज और शैक्षणिक संस्थाए बंद रहंगी। कार्यालय भी नही खलेंगें। जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस, बिजली, जलापूर्ति, स्वच्छता, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, दूरसंचार, डाक विभाग से सम्बन्धित कार्यालय यथावत काम करेंगे। न्यायिक प्रशासन के बारे में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा लिया गया निर्णय लागू होगा।
2) अस्पताल और अन्य सम्बन्धित प्रतिष्ठान (पशु स्वास्थ्य सहित), उनके निर्माण और वितरण की इकाईयां, सरकारी और निजी, दवा की दकानें, मेडिकल लैब, नर्सिंग होम, एम्बुलेंस सेवाओं से सम्बन्धित प्रतिष्ठान यथावत काम करेंगे।
3) वाणिज्यिक और अन्य निजी प्रतिष्ठा बंद रहेंगे।
अपवाद-
क) बैंकिंग, बीमा और एटीएम संचालन से सम्बन्धित प्रतिष्ठान
ख)औद्योगिक एवं विनिर्माण कार्य से सम्बन्धित प्रतिष्ठान
ग) सभी प्रकार के निर्माण कार्य
घ) ई कार्मस से जुड़ी सारी गतिविधियां
ड.) टेलीकम्युनिकेशन, इंटरनेट सेवाएं, ब्रॉडकास्टिंग और केबल सेवाओं से सम्बन्धित गतिविधियां
च) कृषि और इससे जुड़े काम
बिना अनुमति और कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते हुए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कोविड वार्ड में जाने को लेकर पूर्व सांसद व जन अधिकारी पार्टी के सुप्रीमो पप्पू यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एएनएमएमसीएच के अधीक्षक के आवेदन पर मगध मेडिकल थाने में पप्पू यादव पर एफआईआर दर्ज की गई है।
मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक पी के अग्रवाल ने बताया कि 1 मई की रात 8.40 बजे पूर्व सांसद पप्पू यादव बिना किसी अनुमति व कोविड प्रोटोकॉल के विरुद्ध कुछ समर्थकों के साथ कोविड वार्ड का भ्रमण किया। वार्ड में तैनात कर्मी और सुरक्षा गार्ड के मना करने के बाद भी जबर्दस्ती भ्रमण किया। बिना पीपीई किट पहने ही कोविड वार्ड में जाकर भर्ती मरीजों से मिले। प्रोटोकॉल का पालन किया नहीं किया गया।
डीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि कोविड वार्ड में पूर्व सांसद की उपरोक्त गतिविधियों को लेकर मेडिकल के अधीक्षक ने पप्पू यादव पर मुकदमा दर्ज करने के लिए मगध मेडिकल थाने में आवेदन दिया। आवेदन के आधार पर एपिडेमिक डिजीज एक्ट व आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

आरजेडी ने किया लाॅक डाउन का समर्थन
आरजेडी के वरिष्ठ नेता भाई बीरेन्द्र ने बिहार में किए गए लाॅक डाउन का समर्थन करते हुए कहा, सरकार ने लाॅक डाउन लगाने में थोड़ी देर कर दी, सरकार यह कदम पहले उठायी होती तो इतने लोगो की जाने नही जाती। सरकारी और प्रईवेट संस्थान खोल दिए गए थे, नतीजतन कितने लोग कोरोना का शिकार हो गए, पहले सभी तरह के कार्यालय बंद कर दिए गए होते तो इतने लोगो की जाने नही जाती। वही आरजेडी के वरिष्ठ नेता सह अधिवक्ता रजनीकांत यादव ने लाॅक डाउन का स्वागत करते हुए कहा, नीतीश सरकार बिहार को लाॅक तो कर दिया है, लेकिन गरीबो के लिए कोई एलान नही किया है, लाॅक डाउन के दौरान गरीबो बदहाल जिंदगी कैसे कटेगी, इसपर पर सरकार को विचार करना चाहिए।

लाॅक डाउन पर हम ने उठाए सवाल
हम के वरिष्ठ प्रवक्ता दानिश रिजवान ने मंगलवार को पत्रकरो से कहा, नीतीश सरकार ने बिहार में लाॅक डाउन तो लगा दिया है, लेकिन गरीबो के लिए कुछ दलान नही किया है, सबसे से बदतर स्थिति तो वित रहित काॅलेज के कर्मियो का है, शिक्षा मंत्री ने सदन में एक महीने के अंदर सभी काॅलेजो को अनुदान भेजने की बात तो कही, लेकिन अभी तक इन काॅलेजो को न तो डिग्री का अनुदान मिला और न ही इंटर का। सालो से सभी पैसे के अभाव में भूखे मर रहे है। एक सवाल पर रिजवान ने कहा, सरकार में उनका दल तो शामिल है, लेकिन सच्चाई बोलने से कोई रोक नही सकता।

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