शराब तस्करो से मुठभेड़ में दारोगा शहिद

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चैकीदार लाल बाबू घायल
बिहार में शराब माफियो का हौसले सातवे आसमान पर है, होनो लाजमि भी है, क्योंकि इन माफियो को सत्ता और विपक्ष के कुछ बड़े नेताओ का संरक्षण प्राप्त है, फिलहाल शराब माफियो पर कार्रवाई पुलिस के लिए चुनौती है, सीतामढ़ी में तो बुधवार की दोपहर शराब तस्करों और पुलिस के बीच जमकर मुठभेड़ हुई है। औरं तस्करों की गोली से मेजरगंज थाने के दारोगा दिनेश राम की मौत हो गई, तो चैकीदार लालबाबू गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। वहा के लोगो ने लाल बाबू को आानन-फानन में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लाल बाबू जिंदगी और मौत से जुझ रहा है, वारदात के बाद वहा से अधिकांश शराब तस्कर फरार हो गए हैं। सूत्रो की माने तो पुलिस और तस्करों की इस मुठभेड़ में एक बदमाश को भी गोली लगी है। पुलिस की गोली से बदमाश के मारे जाने की सूचना है। लेकिन वह फरार है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सूचना के अनुसार भारत-नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी के मेजरगंज के कोआरि गांव में यह मुठभेड़ हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि होली के लिए नेपाल के रास्ते बिहार में शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है। पुलिस ने इस सूचना के आधार पर घेराबंदी की। पुलिस को अंदाजा नहीं था कि शराब तस्कर हथियारों से लैस है। गाड़ी रोकते ही तस्करों ने पुलिस पर हमला कर दिया। उनकी फायरिंग में सब इंस्पेक्टर दिनेश राम और चैकीदार लाल बाबू पासवान को गोली लगी। दोनों को आनन-फानन में सीतामढ़ी सदर अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने सब इंस्पेक्टर दिनेश राम को मृत घोषित कर दिया है। चैकीदार लाल बाबू पासवान की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस वक्त सीतामढ़ी सदर अस्पताल पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। सीतामढ़ी के सभी बड़े पुलिस अफसर वहां पहुंचे हैं। गांव की लोगो की माने तो
मेजरगंज के जिस स्थान पर पुलिस और शराब तस्करों की मुठभेड़ हुई, वो भारत-नेपाल सीमा से बामुश्किल आधा किलोमीटर दूर स्थित है। कोरोना काल में भारत-नेपाल की ये सीमा सील कर दी गई थी। भारत की ओर से सीमा अब भी सील है जबकि नेपाल की ओर से सीमा खोल दी गई है। सीमा सील होने के बावजूद तस्करों की गतिविधियों और इस एनकाउंटर को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
दारोगा 2009 बैच के थे
सब इंस्पेक्टर दिनेश राम 2009 में पुलिस में भर्ती हुए थे। वह मूल रूप से मोतिहारी के लथौरा थाना के ससौलबरवा गांव के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम स्व शिवशंकर राम है। सब इंस्पेक्टर दिनेश राम को हाल में ही मेजरगंज में तैनात किया गया था। घायल चैकीदार लालबाबू पासवान कोअरी का रहने वाला है। शराब तस्कर जिसकी मौत की खबर आ रही है उसका नाम रंजन सिंह है। वह मेजरगंज के कोआरि का रहने वाला बताया जा रहा है।
शराब माफियो का नेटवर्क है लंबा
बिहार में शराबबंदी की सफलता के बड़े-बड़े दावों के बीच हकीकत यह है कि शराब माफिया का नेटवर्क राज्य में हर जगह मौजूद है। एक महीने पहले सीतामढ़ी में ही 35 लाख रुपए की शराब की खेप पकड़ी गई थी। नेपाल से तस्करी कर शराब लाए जाने की खबरें अक्सर मिलती रहती हैं। इसके पहले भी शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर कई बार हमले हो चुके हैं। शराब माफियाओं का खौफ बिहार में इस कदर हावी है कि अब पुलिसकर्मी भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने से कतराते हैं।
गुस्से में गांव के लोग, रास्ता जाम
उधर, कोआरि गांव के लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर काफी गुस्से में हैं। उन्होंने सड़क जाम कर दिया है। लोगों का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से शराब की तस्करी होती है। सड़क जाम करने वालों में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हैं। लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाए।
कार्रवाई से बौखला गए शराब माफिया
जेडीयू के एमएलसी गुलाम रसूल बिलयानी ने पत्रकारो से बात करते हुए कहा, सरकार शराब माफियो पर कार्रवाई शुरु कर दी तस्कर बौखला गए है, हताशा में पुलिस पर हमला बोल रहे है, लेकिन सरकार उन्हें छोड़ेगी नही, कुछ कांग्रेस नेता पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा, सदन में शराब दुकाने खोलने की मांग कर रहे है, इस पर सीएम ने उन्हें सदन में सटीक जबाब दिया है।
बेगूसराय में भी पुलिस टीम पर हमला
बेगूसराय में भी शराब के काले कारोबार पर छापा मारने गई पुलिस टीम पर हमले की खबर है। पुलिस वहां मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करने गई थी। लेकिन पुलिस टीम को देखते ही लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। लोगों ने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। हमले में महिलाएं भी शामिल रहीं। खबर है कि एक महिला ने एक पुलिसवाले को दांत काट कर घायल कर दिया। बाद में बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कई लीटर कच्ची शराब बरामद की गई है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।

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