विविः एक और फर्जीवाड़े के केस में फंसेंगे कई अफसर

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बोले वरीय अधिवक्ता रजनीकांत
फर्जीवाड़े के मामले में विश्वविद्यालय के एक रिटायर्ड कर्मी तो गए जेल और अन्य पर भी गाज गिरना तय है, ऐसा ही एक और मामला है, जो थोड़ा भिन्न है, उदय नारायण प्रसाद की नियुक्ति विवि में तो अनुकंपा पर हुई, लेकिन नियुक्ति रिकार्ड से वहा के कर्मियो ने सारे साक्ष्य नष्ट कर दिए है, वरीय अधिवक्ता रजनीकांत ने बताया कि विवि के कुलसचिव को इस संबध जबाब देने के लिए उन्होंने दो नोटिसे दी है, लेकिन वहा से अभी तक कोई जबाब नही मिला है, बहुत जल्द विवि के अधिकारियों और कर्मियो के खिलाफ मुकदमा दायर किया जाएगा, क्योकि श्री प्रसाद को बचाने के लिए विवि के विधि विभाग और स्थापना के कर्मियो ने अनुकंपा रिकार्ड से भयानक छेड़छाड़ की है, श्री प्रसाद की नियुक्ति पर विवि के अधिकारियों ने सीतामढ़ी के एक कोर्ट को भी गुमराह किया है, उन्होंने कहा, जबाब नही देने का मतलब है कि दाल में कुछ काला है, उन्होंने कहा कि दो दिन पहले विवि थाने के अधिकारियों ने सर्टिफिकेट में हेराफरी के मामले में विवि के एक रिटायर्ड क्लर्क ब्रज भूषण ठाकुर को हिरासत में लिया है, फिर भी नही सुधर रहे वहा के फर्जीवाड़े करने वाले कर्मी। विवि के विधि विभाग के एक लिपिक ने बताया कि वकालतन नोटिस मिले है, जिसपर कार्रवाई की गई है, 2 ॅफरवरी को संचिका स्थापना विभाग को भेजा गया है, लेकिन वहा से विधि विभाग को कोई रिपोर्ट नही मिले है, विवि के लीगल अफसर ने कहा, संचिका आने के बाद देखेंगे, विभाग से रिपोर्ट भेजने में कहा चूक हुई, एक सवाल पर लीगल अफसर ने कहा, नियमत अनुकंपा की नियुक्ति के पूर्व मां के सहमति और परिवार के अनापति पत्र लेना आवश्यक है तो फिर सवाल उठता है कि रिकार्ड से कहा चले गए सारे पेपर।

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