बेटियो को भी संपति में होगी हक

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सरकार ने किए भू-निबंधन में कई बदलाव
नीतीश सरकार ने बुघवार को भू-निबंधन के पूर्व प्रक्रियाओ में कई बदलाव किए है, नए नियम के आलोक में जो भी परिवारिक बंटवारे किए जाएंगे, उसमें बेटियो का भी हिस्सा होगा। संपतियो के बंटवारे में जो बेटियो की हकमारी होती थी, नए नियम के लागू होने के बाद खत्म हो जाएगा। राज्य सरकार दो अक्टूबर को नए नियम को लागू कर देगी। नीतीश सरकार ने राज्य की बेटियों के लिए नई रजिस्ट्री पॉलिसी के तहत ये फैसला किया है कि अब पारिवारिक बंटवारे में बेटियों की हकमारी नहीं होगी और पारिवारिक संपत्ति का रजिस्टर्ड बंटवारा तो करना ही होगा, साथ ही उसमें घर की बेटियों का हिस्सा भी सुरक्षित रहेगा। बदले गए नियम में यह व्यवस्था भी दी गयी है कि कोई बेटियां पारिवारिक संपत्ति में अपनी हिस्सेदारी छोड़ना चाहती है तो उन्हें लिखित देना होगा कि अपनी पैतृक संपत्ति में उन्हें हिस्सेदारी नहीं चाहिए। तैयार किए गए नए नियम में बिना बंटवारे के जमीन खरीद- बिक्री बंद हो जाएगी। नई रजिस्ट्री पॉलिसी के तहत अब तक परिवार बंटवारा रजिस्ट्रेशन स्वैच्छिक था। लेकिन अब यह दो अक्टूबर से अनिवार्य हो जाएगा।

नई व्यवस्था में कई समस्याएं
सरकार ने जो नई व्यवस्था दी है, उसमें परिवार के मुखिया के नाम से जमीन का रिकार्ड होने पर पुत्र जमीन का बिक्री नहीं कर पाएगा। इसके लिए जितने परिवार के सदस्य है, उन सभी के नाम रिकार्ड में होना अनिवार्य है। यानी परिवार में बंटवारा होना जरूरी है। जितने भाई है या उन सभी के नाम से प्लाटवार नाम दर्ज होना चाहिए। जिन परिवार का मुखिया जीवित है वहां पिता की सहमति से जमीन का बंटवारा होना आवश्यक है। इसमें पिता का भी एक हिस्सा होगा। उनके निधन की स्थिति में ही भाई आपस में बंटवारा कर सकते हैं। इसके लिए निबंधन कार्यालय में पंजीयन करा सकते हैं।

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