बिहार के स्वास्थकर्मियों की बीमा अवधि फिर बढ़ी

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भाग ने दी मेडिकल काॅलेजो को सूचना
केंद्र सरकार के फैसले के आलोक में बिहार सरकार ने खत्म हो बीमा पाॅलिसी की अवधि 180 दिनो के लिए बढ़ा दी है, स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों और सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के प्राचार्य और अधीक्षकों को इसकी जानकारी दी है व इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज योजना ‘इन्श्योरेंस फॉर द हेल्थ वर्कर र्फाइंटग विथ कोविड-19’ के तहत स्वास्थ्यकर्मियों को 50 लाख रुपये का बीमा किया गया है। इस बीमा की पॉलिसी 30 मार्च 2020 से 24 मार्च 2021 तक के लिए था। इसे हाल ही में बढ़ाकर 24 मार्च 21 से 24 अप्रैल 21 तक किया गया था। केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार इस पॉलिसी को 180 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। इस बीच जो भी स्वास्थ्यकर्मी मृतक हैं, उनके परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की जाएगी।
29 क्लेम में 6 को अब तक मिला मुआवजा
29 क्लेम भारत सरकार, द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कामोनी लिमिटेड को भेजा गया था। इसमें 6 क्लेम के नोमनी को क्लेम का भुगतान कर दिया गया। जबकि 5 क्लेम को अस्वीकृत कर दिया गया जबकि 18 क्लेम को जरूरी कागजातों की कमी के कारण वापस मर दिया गया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से ये क्लेम भारत सरकार को भेजे जाते हैं। ऑक्सीजन की एक सिलेंडर की कीमत 1.10 लाख रुपए हो सकती है शायद किसी ने सोंचा भी नहीं होगा। पर यह हकीकत है। कालाबाजारियों ने अमेरिका में रहनेवाले एक एनआरआई से कोरोना संक्रमित उनके रिश्तेदार तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाने के लिए यही कीमत वसूली है। हालांकि कालाबाजारी करनेवाले 9 शातिरों को ईओयू ने न सिर्फ ढूंढ निकाला बल्कि गिरफ्तार भी कर लिया है। आमतौर पर 10 किलो के एक सिलेंडर की कीमत लगभग सात हजार रुपए होती है। अमेरिका में रहनेवाले पटना जिले के नौबतपुर के एक एनआरआई ने पांच दिन पूर्व एडीजी ईओयू एनएच खान को व्हाट्सएप पर बताया कि उनसे पटना के रहनेवाले एक शख्स ने ऑक्सीजन सिलेंडर देने के एवज में 1.10 लाख रुपए लिए हैं। उनके रिश्तेदार कोरोना संक्रमित थे। उन्हें घर पर ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी। ऑक्सीजन के लिए उन्होंने संपर्क किया तो हर्ष राज नाम के शख्स ने मोटी रकम की मांग की। उन्हें जरूरत थी लिहाजा उन्होंने उसके पटेल नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में यह रकम ट्रांसफर कर दी।
खाते में में जमा हुए 9 लाख रुपए
एडीजी ने ईओयू के डीएसपी भाष्कर रंजन व रजनीश कुमार को कालाबाजारी के इस रैकेट में शामिल धंधेबाजों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। तहकीकात के बाद सोमवार को हर्षराज को ईओयू ने खरीददार बनकर संपर्क किया व उसे राजीव नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। इंद्रपुरी रोड न. 10 स्थित उसके घर की तलाशी में ली गई। ऑक्सीजन सिलेंडर भी बरामद किया गया है। जांच के दौरान बात सामने आई कि हर्ष राज के बैंक ऑफ बड़ौदा स्थित उसके खाते में पिछले 6 दिनों में करीब 9 लाख रुपए जमा हुए हैं। खाते को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है।

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