बिहार की कई नदिया ऊफनाई, हालात हुए बेकाबू

0
103

गंगा, सोन, गंडक समेत उत्‍तर बिहार की तमाम छोटी-बड़ी नदियों में एक साथ उफान से बिहार में बाढ़ के हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। और तो और पटना में गंगा के किनारे बने कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है। राजधानी के ज्‍यादातर गंगा घाट पहले ही पानी में डूब चुके हैं। गंगा का पानी दीघा नहर के रास्‍ते दानापुर के घरों में घुसने का खतरा बढ़ गया है। यहां नहर का गेट बंद करते हुए पानी मोटर के सहारे गंगा में गिराया जा रहा है। इधर, गंगा में बाढ़ से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। उत्‍तर प्रदेश के इलाहाबाद और वाराणसी में गंगा का जलस्‍तर घटने लगा है, वहीं बिहार के पहले जिले बक्‍सर में स्थिर हो गया है। बक्‍सर में शाम तक गिरावट का सिलसिला शुरू होने की उम्‍मीद है। कल सुबह तक पटना में भी जलस्‍तर घटने की उम्‍मीद है, बशर्ते सोन के जलस्‍तर में भी राहत रहे। पटना के पास हाथीदह में गंगा ने जलस्तर का पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। राहत की बात है कि शुक्रवार को इलाहाबाद के साथ बनारस में भी गंगा का जलस्तर घटने लगा है। गंगा में आई बाढ़ तब अधिक विकराल होती है, जब कम समय के अंतराल पर जलस्‍तर दोबारा बढ़ना शुरू कर दे। अगर गंगा के जलग्रहण इलाके में मानसून फिर से सक्रियता बढ़ाता है तो ऐसा खतरा हो सकता है। फिलहाल गंगा शुक्रवार को भी बक्सर से कहलगांव तक खतरे के निशान के काफी ऊपर बह रही है। सहायक नदियों में पुनपुन मात्र नौ सेमी नीचे उतरी है। बावजूद अभी पटना के श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 1.68 मीटर ऊपर है। सोन अभी मनेर में 1.16 मीटर ऊपर है। पटना के हाथीदह में गंगा ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए और 43.21 मीटर का नया एचएफएल (हाई फ्लड लेबल) बना दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here