पूर्व विदेश मंत्री सुषमा हुआ अंतिम संस्कार

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बेटी बांसूरी ने की दाहसंस्कार
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दाहसंस्कार बुधवार को दिल्ली के लोधी रोड शवदाहगृह में पुरे राजकीय सम्मान के साथ कर दिया गया। क्षणभर में मिट्टी का शरीर मिट्टी में मिल गए और अटल युग से मोदी राज तक के सियासी के महान योद्धा का अंत हो गया। अग्नी उनकी पुत्री बांसूरी स्वाराज ने दी, बांसूरी लंदन में अधिवक्ता है, पूर्व विदेश मंत्री के अंतिम संस्कार होने तक शवदाहगृह के पास देश के राष्टपति रामनाथ गोविन्द, उपराष्टपति वैकेया नायडू, प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति इरानी, कांगेस नेत्री सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डा0 मनमोहन सिंह, गुलाम नवी आजाद, सपा के वरिष्ठ नेता मुलयम सिंह यादव मौजूद रहे। दाहसंस्कार से पहले पूर्व विदेश मंत्री का शव दर्शनाथ भाजपा कार्यालय में रखे गए थे, जहा हजारों लोगो ने उन्हें नमन कर पुष्प अर्पित किए।

सुषमा न होती तो जार्ज चुनाव नही जितते

बोले वरीय अधिवक्ता अजय नारायण
मुजफ्फरपुर के वरीय अधिवक्ता सह जिला चित्रगुप्त एसोशिएशन के महामंत्री डा0 अजय नारायण सिन्हा ने बुधवार को कहा, 1977 के लोकसभा चुनाव में जेल में बंद जार्ज को यहा से उतार दिया गया, लेकिन मुजफ्फरपुर के लोग उन्हें जानते नही थे, लेकिन उन्हें जिताने के लिए उस समय के युवा नेत्री सुषमा ने मुजफ्फरपुर दौरे पड़ कई वार आयी, बीबी काॅलेजिएट स्कूल में जार्ज के समर्थन में सुषमा स्वराज ने आम सभा की तो उसे सुनने के लिए हजारों लोग आए, राजद नेता सह अधिवक्ता रजनीकांत यादव, राजद के प्रदेश महासचिव श्यामनंदन कुमार यादव, दिनेश राउत ने कहा, देश ने एक महान योद्धा खो दिया, 1977 में महज 25 साल की उम्र में वे हरियाणा सरकार में कैबिेनेट मंत्री हुई, 1998 में पहली वार दिल्ली के सीएम हुई, और अटल राज में 1996 में केंद्र में मंत्री बनी। और फिर मोदी सरकार में 2014 में विदेश मंत्री बनी, जो पुरे पांच साल तक रही। और विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट में 30 सितबंर 18 को बखिया उधेड़ दी। जेडीयू नेता विश्वजीत कुमार ने सुषमा स्वराज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, वे काफी मिलन शार थी, क्योंकि वे सुलझी हुई राजनेता थी, वे सभी वर्गो से विशेष सम्मान भी अर्जित किया। विपक्ष में होते हुए सुषमा स्वराज के अंदर और बाहर ऐसी प्रखर वकता थी, जिससे उनके विरोधी खौप खाते थे।

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