कोरोना के जालिम फिर हुआ फरार

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नेपाल के लिए भी हुआ सरदर्द
तस्कर माफिया जालिम मुखिया के घर शनिवार की अहले सुबह नेपाल पुलिस और एसएसबी के अधिकारियों ने संयुक्त छापेमारी तो की, लेकिन जालिम पिछले दरबाजे से भाग निकलने में कामयाब हो गया। अगर जालिम पकड़ लिए गए होते तो जामातियों का एक बड़े रैकेट का खुलासा हो जाता, सूत्रो की माने तो नेपाल में जमातियो का एक बड़ा जत्था छूपा हुआ है, जालिम मुखिया नेपाल के परसा का रहने वाला है, और बिहार के कई क्षेत्रो में उसके गुर्गे है, जो उसके तस्करी के धंधे में शार्गिद है, ऐसा कस्टम के अधिकारियों का मानना है, और यह कहने की आवश्यकता नही कि परसा बिहार के बैरगनिया, रक्सौल और ठेंग स्टेशन के बिल्कुल करीब है, नरकटियागंज का एक कस्बा ढोरी तो नेपाल वाॅर्डर से सटे है, और मोतिहारी का सिकटा का हाल भी यही है, जालिम और उसके गुर्गे अक्सर बिहार के इन क्षेत्रो में आया-जाया करता है, और रक्सौल तो बिल्कुल बीरगंज के पास है, ऐसी हालत में उसे आजाद रहने देना खतरे का संकेत है, हालांकि खुफिया अलर्ट के बाद बगहा और सीतामढ़ी पुलिस कप्तान ने नेपाल से लगने वली सारी सीमाएं पहले ही सील कर दी है, फिलहाल बिहार के कोरोना बम जालिम नेपाल के लिए भी सिरदर्द हो गए है, अभी तक नेपाल कोरोना के कहर से दूर है, लेकिन वहा पाकिस्तान के जासूसो ने धमक दे दी है, मौलाना साद के रिश्ते भी पाक पीएम और वहा के सेना प्रमुख से अच्छे है और जालिम मौलाना साद के खास है, मौलाना साद का कोरोना बम तो पुरे देश को तबाह कर दिया है, बिहार के लोग कोरोना से दूर थे, लेकिन उनके खास जालिम ने बिहार में भी कोरोना के आंकड़े बढ़ा दिए, केंद्र के निर्देश पर बिहार के जवानो ने नेपाल से सटे सभी सीमा को सील कर दिए है, फिलहाल बिहार में कोरोना के आंकड़े बढ़ने के बदले थम गए है, लेकिन अभी कुछ नही कहा जा सकता है, क्योंकि मौलाना जालिम मुखिया अजाद है।

जामातियों ने देश को ढकेला कोरोना के कुआं में
तबलीकी जमात के लोग शुरु में प्रधानमंत्री की बात मान गए होते तो देश में कोरोना थम गए होते, भारत में आंकड़े 7 हजार के पार गए है, पहले कोरोना के मरीजो के आंकड़े दो हजार से नीचे थे, मौत के आंकड़े भी 50 से कम थे, लेकिन अचानक मौलाना साद का कोरोना बम फूटने के बाद मौत के आंकड़े भी 340 के पार पहुंच गए, हैरत की बात तो यह है कि दावे तो किए जा रहे है, मौलाना साद दिल्ली में है, लेकिन दिल्ली क्राईम ब्रांच के अधिकारियों ने उनके कई ठिकाने पेछापेमारी तो की, लेकिन वे नही मिल, अगर वे मिल गए होते तो दिल्ली पुलिस को छूपे जामातियों का पता तो चल जाता।

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