ऑन ड्यूटी आर्मी गाड़ी से पकड़े गए 20 लाख का बाईन

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पकड़े गए तस्कर निकले हरियाणा का
होली त्योहार में शराबो की खपत ज्यादा होती है, शराब तस्कर इस मौके को खोना नही चाहते है और बिहार पुलिस के अला अफसर भी होली को देखते हुए चैकन्ने है, बिहार भेजी जा रही हजारों बोतल शराब की खेप को चंदौली पुलिस ने पकड़ा है। चंदौली में अलीनगर थाने की पुलिस और सर्विलांस टीम ने सिंघीताली गांव के समीप नेशनल हाईवे पर शराब को पकड़कर तस्करी के बड़े गिरोह का खुलासा किया है। जिस मिनी ट्रक से शराब को पकड़ा गया है उस पर पुलिस को धोखा देने के लिए ऑन ड्यूटी आर्मी का स्टीकर लगाया गया था। बरामद की गई 4920 बोतलों की कीमत 20 लाख रुपये बताई जा रही है। मिनी ट्रक के आगे-आगे कार से रेकी भी की जा रही थी। पकड़े गए तस्कर हरियाणा के बताए जा रहे हैं। एसपी अमित कुमार ने सोमवार को पुलिस लाइन में तस्करी गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि पंचायत चुनाव और होली के मद्देनजर पुलिस टीम शराब व मादक पदार्थों की तस्करी व बिक्री रोकने को चेकिंग अभियान चला रही है। इसी बीच अलीनगर थाना और सर्विलांस टीम को रविवार की रात लगभग साढ़े 11 बजे शराब तस्करी की सूचना मिली। टीम ने तत्काल सिंघीताली के समीप नेशनल हाईवे पर वाहन चेकिंग शुरू कर दी। थोड़ी देर में एक मिनी ट्रक व आगे-आगे कार आती दिखी। पुलिस ने रोक कर जांच पड़ताल की तो मिनी ट्रक व कार में हरियाणा निर्मित 49 20 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। आरोपितों ने पुलिस टीम को चकमा देने के लिए मिनी ट्रक पर ऑन ड्यूटी आर्मी का स्टीकर लगा रखा था। वहीं सेना के घोड़े के आहार की नकली बिल्टी भी मिली। आरोपित तस्कर हरियाणा के रेवाड़ी निवासी अशोक जाट, पानीपत निवासी मिंटू गुर्जर व विकास शर्मा को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी सर्विलांस अतुल नारायण सिंह, अलीनगर थाना प्रभारी संतोष सिंह, एसआई रमेश यादव व राजेश सिंह समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।
लंबे समय से कर रहे तस्करी
पुलिस के हत्थे चढ़े तीनों आरोपित लंबे समय से शराब की तस्करी का काम कर रहे हैं। आरोपित बीते छह साल से दूसरे की माल ट्रक व अन्य वाहनों से बिहार व गुजरात शराब की खेप पहुंचाने का काम करते थे। इसके एवज में प्रति खेप 35 हजार रुपये मिलता था। ज्यादा पैसे कमाने की लालच में तीनों ने एक महीने पहले खुद का माल तस्करी करना शुरू किया। उन्होंने दिल्ली में किसी परिचित से प्रति खेप 70 हजार रुपये में मिनी ट्रक किराये पर लिया था। शराब की खेप को बिहार में तीन गुने दाम पर बेचने का काम करते थे।

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