एसएनएस कॉलेज :  अनुदान वितरण में हुए घोटाले पर जल्द होगी एक्शन

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आरजेडी के कई नेताओ ने विजलेंश को भेजा कच्‍चा चिट़टा

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राज्‍य सरकार श्‍यामनंदन सहाय कॉलेज के शिक्षक और कर्मियों के लिए जो करोडो रूपए अनुदान देती , उसके वितरण के दौरन कॉलेज प्रबंधको द्वारा जमकर लूट खसोट किया जा रहा है, यह खुलासा आरजेडी के दो वरीय नेताओ द्वारा विजलेंश मुख्‍यालय को लिखे गए पत्र से हुआ है, आरजेडी के दोनो नेताओ ने कहा, बहुत जल्‍द इसइस घोटाले की पर्दाफाश होगी । आरजेडी के दोनो नेताओ ने कहा उक्‍त कॉलेज को राज्‍य सरकार ने डिग्री स्‍तर पर मान्‍यता दे रखी है, राज्‍य सर‍कार उक्‍त कॉलेज को वर्ष 2008 से करोडो रूपए अनुदान तो देती है, लेकिन वहा एक ऐसे लूटेरो का गैंग है जो वितरण से पहले घपले का प्‍लान तैयार कर लेता है, हालांकि कॉलेज प्रबंधन आए अनुदान तो वितरण करती है, लेकिन उन्‍ही कर्मियो को जो कमीशन देने में सक्षम है, कई ऐसे कर्मी भी है जिन्‍हें अनुदान नही दिया जाना है, लेकिन उन्‍हें भी अनुदान दे दी गई है, और जिसे दिया जान है, उसे नही दिया गया, जो वहा के  फर्जी लेखा पाल को खुश करने में नकामयाब रहे  उन्‍हें नियमत जो मिलना चाहिए, नही मिला और उनके हिस्‍से के लाखो  से अधिक हजम कर लिए गए, जिसकी शिकायत पीडित कर्मियो ने शासी निकाए के सचिव से तो की लेकिन वे भी सब कुछ जानते हुए फर्जी लेखा पाल के बिरद्ध  कोई कार्रवाई नही की, वहा के एक कर्मी ने बताया कि अभी विश्‍वविधालय में आए तीन करोड अनुदान के लिए जो कॉलेज से कर्मियो की सूची राशि सहित विश्‍वविधालय को दी  गयी है, उसमें पहले वाले वितरण सूची से जमीन आसमान का फर्क है, जिन्‍हें 34, 45 और 48 हजार दिए गए है, उन्‍हें लाख से अधिक के श्रेणी में रखा गया है,  यहा सवाल उठता है कि उनके हिस्‍से का लााखो रूपए गए कहा 1 हालांकि इस घोटाले पर कॉलेज के यूआर ने तल्‍ख टिप्‍पणी की है, फिर भी कॉलेज के प्रबंधन ने भ्रष्‍ट लेखा पाल पर कोई कार्रवाई नही की, और उल्‍टे कॉलेज प्रबंधक द्वारा इस घोटाले का बिरोध करने वाले कर्मियो को तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है, आरजेडी के दोनो नेताओ का कहना है कि वहा के प्रभारी प्राध्‍यापक घोटाले के नीयत से लेखापाल होते हुए अपने एक खास लैब इंचार्य को फर्जी तरीके से लेखापाल का प्रभार दे रखा है, साथ ही उसे कई विभागो का भी मालिक बनाया गया है, और तो और उक्‍त लैब इंचार्य को परीक्षा विभाग का भी प्रभार है, उक्‍त लैब इंचार्य जिसे चाहता है, उसी को परीक्षा डियूटी मिलती है, जहा दो को गार्डिंग दिया जाना है, वहा एक से काम चला लिया जाता है, और इस तरह से एक परीक्षा में लाखो का घोटाला किया जा रहा है, कॉलेज सुत्रो की माने तो कॉलेज के पास कर्मियो की कोई कमी नही है, फिर भी न जाने क्‍यो कई सालो से परीक्षा विभाग के सारे कार्य रिडायर्ड दो कर्मियो से लिया जा रहा है, सूत्रो की माने तो कर्मियो के साथ-साथ उसके समाना ही इंक्रीमेंट दे दिया गया है, मानदेय भुगतान में भी सीधे चार हजार की बढोतरी कर दी गई है, जो नियम के बिरूद्ध है ।   

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